जुबिन गार्ग मौत की जांच: SIT की तफ़्तीश तेज़, सात गिरफ़्तार और सिंगापुर से साक्ष्य का इंतज़ार
नई दिल्ली | फॉलो-अप स्टोरी — असम के प्रसिद्ध गायक जुबिन गार्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अब यह मामला एक अंतरराष्ट्रीय हत्या जांच में बदल गया है।
सिंगापुर प्रशासन ने गार्ग की मौत का कारण डूबना बताया था। वे एक यॉट आउटिंग के दौरान तैरते समय बेहोश हो गए और सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित किया गया। लेकिन भारत में शुरू हुई जांच कहानी को नया रुख दे रही है।
MLAT के तहत SIT का गठन: असम सरकार की अंतरराष्ट्रीय जांच शुरू
असम सरकार ने 30 सितंबर 2025 को जुबिन गार्ग मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। यह दल Mutual Legal Assistance Treaty (MLAT) के तहत सिंगापुर से साक्ष्य साझा करने की प्रक्रिया से काम कर रहा है।
स्पेशल DGP मुन्ना प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में बनी इस 9 सदस्यीय SIT मामले की जांच कई गंभीर धाराओं के तहत कर रही है, जिनमें शामिल हैं —
हत्या (धारा 302 IPC)
आपराधिक साज़िश (धारा 120B)
ग़ैर इरादतन हत्या (धारा 304)
लापरवाही से मौत (धारा 304A)
“SIT सिंगापुर से डिजिटल साक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं अपना रही है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
अब तक सात लोग गिरफ़्तार
जुबिन गार्ग मौत की जांच ने गंभीर रूप ले लिया है। 11 अक्टूबर 2025 तक कुल सात लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।
गिरफ़्तार लोगों में शामिल हैं —
श्यामकानू महंता, फेस्टिवल ऑर्गनाइज़र
सिद्धार्थ शर्मा, गार्ग के मैनेजर
संदीपन गार्ग, उनके कज़िन और पुलिस अधिकारी
शेखरज्योति गोस्वामी, संगीतकार
अमृतप्रावा महंता, गायिका
नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्या, दोनों निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO)
PSO को 10 अक्टूबर 2025 को वित्तीय अनियमितताओं और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में गिरफ़्तार किया गया।
MLAT के माध्यम से सिंगापुर से साक्ष्य की प्रतीक्षा
SIT अब मामले के अगले महत्वपूर्ण चरण में है। दल ने सिंगापुर से CCTV फुटेज, फॉरेंसिक डेटा और पुलिस रिपोर्ट मांग भेजी है।
अभी तक चार्जशीट की कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार चार्जशीट तभी दायर की जाएगी जब अंतरराष्ट्रीय साक्ष्यऔर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह से मिल जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में CFSL (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की विसरा विश्लेषण रिपोर्ट और गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज (GMCH) के विशेषज्ञों की समीक्षा शामिल होगी।
“हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर साक्ष्य कानूनी रूप से पुष्ट हो,” एक वरिष्ठ SIT अधिकारी ने बताया।
हत्या का एंगल अब भी ख़ारिज नहीं
प्रारंभिक रिपोर्टों में जहां डूबने से मौत की बात कही गई थी, वहीं अब जांच एजेंसियां हत्या की संभावना को भी ख़ारिज नहीं कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, SIT वित्तीय लेनदेन, यात्रा योजना में अचानक बदलाव, और गार्ग के करीबी लोगों के बीच आपसी विवादों की भी जांच कर रही है।
फैंस की मांग — जुबिन को इंसाफ़ मिले
जुबिन गार्ग, पूर्वोत्तर भारत के संगीत के प्रतीक माने जाते थे। उनकी मौत के बाद पूरा संगीत जगत शोक में डूबा हुआ है। सोशल मीडिया पर #JusticeForZubeen अभियान ट्रेंड कर रहा है, जहां फैंस और सहकर्मी पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
जांच के अगले कदम
SIT अब सिंगापुर के कानून प्रवर्तन अधिकारियों और Interpol के माध्यम से फॉरेंसिक साक्ष्य प्राप्त करने पर कार्यरत है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारत के अंतरराष्ट्रीय आपराधिक जांच ढांचे के लिए एक मिसाल बन सकता है।
अंतिम चार्जशीट सभी साक्ष्यों की कानूनी पुष्टि के बाद ही दायर की जाएगी ताकि मामला पुख़्ता रहे।
जुबिन गार्ग मौत की जांच अब एक दुर्घटना से आगे बढ़ कर 2025 की सबसे बड़ी आपराधिक जांचों में से एक बन गई है। SIT की सक्रिय कार्रवाई और सात गिरफ़्तारियों के बाद देश भर में लोग अब सच का इंतज़ार कर रहे हैं — आख़िर भारत के सबसे पसंदीदा गायकों में से एक की मौत के पीछे कहानी क्या है।














